वजन घटाने के लिए योग: भूमिका-
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वर्तमान समय की व्यस्त जीवन शैली में, काम का तनाव, अनियमित दिनचर्या, गलत खानपान तथा शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण, लोग तेजी से मोटापे का शिकार हो रहे हैं। इस मोटापे के कारण लोगों का तेजी से वजन बढ़ना एक आम समस्या बन चुकी है। मोटापा, केवल शारीरिक समस्या ही नहीं, बल्कि डायबिटीज, हार्ट डिजीज, डिप्रेशन जैसी अनेक बीमारियों की जड़ भी बन चुका है। यद्यपि वजन घटाने अथवा कम करने के लिए, महंगे जिम या डाइटिंग ही, जरूरी नहीं है। इन सभी समस्याओं का समाधान योग के द्वारा ही संभव है। हम घर पर ही, वजन घटाने के लिए योग, का अभ्यास कर सकते हैं।
योग, भारत देश की एक प्राचीन पद्धति है। योग, न केवल हमारे वजन को घटाती है, शरीर को स्वस्थ रखती है बल्कि मानसिक हमें शांति भी प्रदान करती है। भारतीय जीवन पद्धति, प्राचीन काल से ही शारीरिक, मानसिक, आत्मिक, नैतिक आदि के विकास के लिए योग का महत्व देती रही है। हमारे प्राचीन आचार्यों, महापुरुषों और गुरुजनों के अनुसार, स्वस्थ और सूखी जीवन, मनुष्य का एक अभिन्न अंग है। स्वस्थ जीवन से, केवल शरीर ही नहीं बल्कि मन और आत्मा, सभी का विकास होता है। अतः वजन घटाने के लिए योग सबसे सुरक्षित, सस्ता और स्थायी माध्यम है।
योग, सामान्य रूप से केवल कैलोरी बर्न करने वाला वर्कआउट नहीं है। लेकिन वजन घटाने के लिए योग, हर तरह से मदद करता है। जैसे- शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करना, मानसिक तनाव व चिंता को दूर करना, पाचन तंत्र में सुधार करना, नींद की गुणवत्ता में सुधार करना, थायरॉइड, इंसुलिन और कोर्टिसोल जैसे हॉर्मोन को संतुलित करना आदि। वजन घटाने के लिए योग एक साधारण, शांत लेकिन बेहद ताकतवर कदम है। यह शरीर को अंदर से मजबूत व हल्का करता है और सकारात्मकता का भी अनुभव कराता है।
यदि आप अपने व्यस्त जीवनशैली में बदलाव चाहते हैं, तो आज से ही वजन घटाने के लिए योग की शुरुआत करें। यह कोई बड़ा प्रयास नहीं है। इसके लिए केवल एक योगा मैट, प्रतिदिन का कुछ मिनट और स्वयं के लिए थोड़ी-सी हिम्मत की आवश्यकता है। आपका नया, फिट और हेल्दी रूप आपकी राह देख रहा है।
ब्लॉग का उद्देश्य–
इस ब्लॉग में पाठकों को वजन घटाने के लिए योग की भूमिका, वजन बढ़ने के कारण, योग से वजन कैसे कम होता है, योग के 10 अत्यंत प्रभावशाली उदाहरण, वजन घटाने के लिए योग से संबंधित विशेष सुझाव, योग के अभ्यास से पूर्व महत्वपूर्ण सुझाव, योग और वजन घटाने का वैज्ञानिक संबंध आदि से, अवगत कराया गया है। इसके अतिरिक्त उदाहरणस्वरूप दस योगासनों की परिभाषा उससे लाभ और सावधानियों का वर्णन किया गया है।
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यदि आपको योग और व्यायाम ई-बुक चाहिए तो आप वेबसाइट vijaybooks.store से प्राप्त कर सकते है और घर बैठे ही योग और व्यायाम का अभ्यास कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त एक अन्य वेबसाइट yoga.ayush.gov.in है, जो भारत की एक सरकारी वेबसाइट है।
इस योग और व्यायाम ब्लॉग के समान अन्य ब्लॉग भी उपलब्ध हैं।
वजन घटाने के लिए योग: वजन क्यों बढ़ता है?
वजन बढ़ने का कारण, केवल अधिक भोजन करना ही नहीं होता है। इसके अनेक कारण होते हैं। जैसे-
- धीमा मेटाबॉलिज़्म ठीक से फैट को जला नहीं पाता है, जिससे वजन अनियंत्रित रहता है।
- विशेष रूप से थायरॉइड व हार्मोन के असंतुलित होने से, वजन अनियंत्रित रहता है।
- स्ट्रेस और चिंता सीधे पेट की चर्बी को बढ़ा देता है, जिससे वजन अनियंत्रित रहता है।
- नींद की कमी से शरीर में ज्यादा फैट स्टोर होता है, जिससे वजन अनियंत्रित रहता है।
- अधिक प्रोसेस्ड फूड, मीठा, ऑयली भोजन करने से वजन बढ़ता है।
- मोबाइल व लैपटॉप के साथ दिन भर कुर्सी बैठने वाली जीवनशैली अर्थात शारीरिक गतिविधियों में कमी होने से, वजन अनियंत्रित रहता है।
अतः वजन घटाने के लिए योग, इन सभी कारणों पर एक साथ प्रभावशाली ढंग से काम करता है।
वजन घटाने के लिए 10 अत्यंत प्रभावशाली योगासन-
वजन घटाने लिए योग, केवल हमारी मदद ही नहीं करते बल्कि शरीर को मजबूत और लचीला भी बनाते हैं। फैट बर्न, पेट की चर्बी, और शरीर के वजन को कम करने के लिए, योग अत्यंत प्रभावशाली हैं। इसके लिए प्रमुख योगासन निम्नलिखित दिए गए हैं।
1. सूर्य नमस्कार-

वजन घटाने के लिए योग के अंतर्गत, सूर्य नमस्कार योग की एक संपूर्ण श्रृंखला है। शरीर को ऊर्जावान बनाने, मांसपेशियों को सक्रिय करने और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने के लिए, यह योगासन किया जाता है। सूर्य नमस्कार योगासन पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग, बैलेंस और ब्रीदिंग को एक साथ जोड़ते हुए एक पूर्ण व्यायाम जैसा लाभ प्रदान करता है।
लाभ–
नियमित रूप से सूर्य नमस्कार योगासन करने से-
- तनाव घटाता है और मानसिक शांति बढ़ाता है।
- शरीर में रक्त-संचार बेहतर होता है।
- मेटाबॉलिज़्म तेज होता है।
- कैलोरी तेजी से बर्न होती है।
- पेट की चर्बी कम करता है।
- रीढ़ की हड्डियों को मजबूत करता है।
सावधानियां–
सूर्य नमस्कार बहुत तेजी से न करें; शुरुआत में 3-5 राउंड ही पर्याप्त हैं। अगर पीठदर्द, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या किसी भी प्रकार का सर्जरी हुआ है तो योग विशेषज्ञ की सलाह लें। गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की अनुमति के बिना इसे न करें।
2. कपालभाति-

वजन घटाने के लिए योग के अंतर्गत कपालभाति, एक शक्तिशाली प्राणायाम तकनीक है, जिसमें पेट की मांसपेशियों को संकुचित करते हुए तीव्र गति से सांस बाहर निकाली जाती है। यह श्वास-प्रश्वास पर नियंत्रण और शरीर का ‘आंतरिक डिटॉक्स’ माना जाता है, जो विशेष रूप से पाचन क्रिया को सुधारने और पेट की चर्बी कम करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली है।
लाभ–
नियमित रूप से कपालभाति योगासन को करने से-
- पेट की चर्बी तेजी से घटती है।
- मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है।
- पाचन तंत्र मजबूत होता है।
- यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालता है।
- फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है।
- तनाव को कम करता है।
कपालभाति योगासन का नियमित अभ्यास वजन नियंत्रण, ऊर्जा बढ़ाने और मानसिक स्पष्टता लाने में मदद करता है।
सावधानियां–
कपालभाति योगासन को खाली पेट ही करें और इसकी शुरुआत धीरे-धीरे ही करें। हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट पेशेंट, हर्निया, अल्सर या गर्भवती महिलाएं इसे डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह के बिना न करें।
3. भुजंगासन: कमर और पेट के लिए श्रेष्ठ योगासन-

वजन घटाने के लिए योग के अंतर्गत भुजंगासन, योग के सबसे लोकप्रिय बैकबेंड योगासनों में से एक है। इस योगासन में शरीर को फर्श पर लेटकर, कमर के ऊपरी भाग को साँप की तरह ऊपर उठाया जाता है। इससे रीढ़ की हड्डी पर हल्का स्ट्रेच पड़ता है। यह आसन कमर, पेट और कंधों की जकड़न को दूर करते हुए शरीर को अत्यंत मजबूत और लचीला बनाता है।
लाभ–
भुजंगासन योगासन को नियमित रूप से करने से-
- पेट की चर्बी को कम करता है।
- कमरदर्द को दूर करता है।
- रीढ़ की हड्डी और फेफड़े को मजबूत करता है।
- हार्मोनल बैलेंस को सपोर्ट करता है।
- थायरॉयड और तनाव करता है।
- पाचन तंत्र में सुधार करता है।
कपालभाति योगासन का नियमित अभ्यास से छाती खुलती है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।
सावधानियां–
कपालभाति योगासन को गर्भवती महिलाएं, हर्निया, पेट की सर्जरी, गंभीर कमरदर्द या स्लिप डिस्क वाले लोग इस आसन को सावधानी से करें या विशेषज्ञ की सलाह लें। आसन करते समय कमर को अचानक झटका न दें और जितना आराम लगे उतना ही पीछे झुकें।
4. नौकासन: पेट के फैट पर सीधा हमला-

वजन घटाने के लिए योग के अंतर्गत नौकासन, शरीर की कोर मसल्स को मजबूत करने वाला अत्यंत प्रभावशाली और शक्तिशाली योगासन है। इस आसन में शरीर को नाव जैसी आकृति में उठाया जाता है, जहाँ पेट, पीठ और जांघों पर एक साथ स्ट्रेच और प्रेशर पड़ता है। यह आसन संतुलन, ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
लाभ–
नौकासन योग को नियमित रूप से करने से-
- पेट की चर्बी कम करने के सबसे प्रभावी आसनों में से एक है। यह
- पेट की मांसपेशियों को टोन करता है,
- पाचन को सुधारता है और
- मेटाबॉलिज़्म बढ़ाता है, जिससे वजन तेजी से घटता है।
- यह कमर और जांघों को भी मजबूत बनाता है।
नौकासन योग वजन तेजी से घटता है। PCOS, थायरॉयड और इंसुलिन प्रतिरोध में भी यह आसन सहायक होता है, क्योंकि यह हार्मोनल संतुलन और ब्लड शुगर कंट्रोल में सुधार लाता है।
सावधानियां–
जिन लोगों को हर्निया, हाल की पेट या कमर की सर्जरी, गंभीर कमरदर्द या स्लिप डिस्क की समस्या है, उन्हें यह आसन सावधानी से करना चाहिए। प्रारम्भ में अधिक देर तक इस आसन में न रहें। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ायें। सांस रोककर इस आसन को न करें और दर्द महसूस होने पर तुरंत रुक जाएं।
5. धनुरासन–

वजन घटाने के लिए योग के अंतर्गत धनुरासन, एक शक्तिशाली बैकबेंड योगासन है। इस आसन में शरीर धनुष की आकृति जैसा बन जाता है, जहां हाथों से पैरों को पकड़कर छाती और जांघों को ऊपर उठाया जाता है। इससे पेट, कमर और रीढ़ की हड्डी पर गहरा स्ट्रेच पड़ता है। यह आसन शरीर की जड़ता दूर करके ऊर्जा और संतुलन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
लाभ–
धनुरासन योग को नियमित रूप से करने से-
- पेट की चर्बी कम करने के लिए यह अत्यंत प्रभावशाली है।
- यह पाचन को तेज करने के साथ ही भूख भी बढ़ाता है और कब्ज की समस्या दूर करता है।
- यह कमर, जांघ और छाती की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
- नियमित अभ्यास से हार्मोनल बैलेंस सुधर जाता है, जिससे PCOS और थायरॉयड जैसी समस्याओं में भी राहत मिल जाती है।
- शरीर का लचीलापन और फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ जाती है।
सावधानियां–
जिन लोगों को अल्सर, हर्निया, गंभीर कमरदर्द या हाल में पेट या रीढ़ की सर्जरी हुई हो, उन्हें यह आसन सावधानी से करना चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाएं यह आसन न करें। अधिक खिंचाव या दर्द महसूस होने पर तुरंत रुक जाएं और प्रारम्भ में योग विशेषज्ञ की देखरेख में करें।
6. उत्तानपादासन–

वजन घटाने के लिए योग के अंतर्गत उत्तानपादासन, योग का एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली आसन है। इसमें पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को सीधा ऊपर उठाया जाता है। यह पेट की मांसपेशियों, जांघों और कमर को मजबूत बनाता है। यह आसन, विशेष रूप से निचले पेट की चर्बी कम करने और कोर मसल्स को मजबूत बनाने के लिए जाना जाता है।
लाभ–
उत्तानपादासन योग को नियमित रूप से करने से-
- निचले पेट की चर्बी को टारगेट करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
- यह कमर दर्द में राहत देता है, पैरों में ताकत बढ़ाता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है।
- इससे मेटाबॉलिज़्म तेज होता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।
- PCOS और थायरॉयड वाले लोगों के लिए यह आसन उपयोगी है क्योंकि यह कोर मसल्स को एक्टिव करता है।
- पेट के आसपास फैट जमा होने को कम करता है।
सावधानियां–
हर्निया, लो बैक पेन, स्लिप डिस्क या हाल में पेट की सर्जरी वाले लोग इसे सावधानी से करें। प्रेग्नेंट महिलाएं यह आसन ना करें। प्रारम्भ में पैरों को ज्यादा ऊंचा न उठाएं और धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं। यदि कमर में खिंचाव या दर्द महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।
7. पवनमुक्तासन–

पवनमुक्तासन, पेट और पाचन तंत्र के लिए बेहद उपयोगी योगासन है। इस आसन में पीठ के बल लेटकर, अपने घुटनों को सीने की ओर लाया जाता है और अपने दोनों हाथों से पकड़कर घुटनों पर, हल्का-सा दबाव दिया जाता है। यह आसन शरीर में जमा गैस, सूजन और अपच को दूर करते हुए पेट की मांसपेशियों को एक्टिव करता है।
लाभ–
पवनमुक्तासन योग को नियमित रूप से करने से-
- यह गैस, ब्लोटिंग और कब्ज को दूर करने में अत्यंत प्रभावशाली है।
- यह पेट की चर्बी को दूर करते हुए, पाचन को मजबूत बनाता है।
- इसमें पेट पर हल्का दबाव पड़ने से पेट की मांसपेशियां टोन होती हैं। इससे मेटाबॉलिज़्म बढ़ जाता है और तेजी से वजन घटाने में मदद मिलती है।
- यह कमर दर्द को कम करता है, तनाव घटाता है और शरीर को आराम देता है।
- PCOS व थायरॉयड में भी यह आसन सहायक माना जाता है।
सावधानियां–
जिन लोगों को हर्निया की सर्जरी, गर्दन या पीठ दर्द की गंभीर समस्या है, वे इसे सावधानी से करें। प्रेग्नेंसी में यह आसन नहीं करना चाहिए। आसन को झटके से न करें। धीरे और नियंत्रित तरीके से अभ्यास करें। पेट में तेज दर्द हो तो तुरंत रुक जायें।
8. त्रिकोणासन-

वजन घटाने के लिए योग के अंतर्गत त्रिकोणासन, खड़े होकर किया जाने वाला योग का आसन है, जो पूरे शरीर में स्ट्रेच और संतुलन लाता है। इस आसन में, शरीर त्रिकोण जैसी आकृति बनाता है, जिससे कंधे, कमर, पैर और साइड मसल्स पर गहरा स्ट्रेच पड़ता है। यह विशेष रूप से पेट के साइड फैट को टारगेट करता है।
लाभ–
त्रिकोणासन, साइड फैट कम करने के लिए सबसे प्रभावी योगासनों में से एक है। त्रिकोणासन योग को नियमित रूप से करने से-
- यह कमर की मांसपेशियों को टोन करता है, शरीर की लचक बढ़ाता है और पेट की चर्बी घटाने में मदद करता है।
- यह पाचन सुधारता है, पीठ की जकड़न हटाता है और जांघों व कंधों को मजबूती प्रदान करता है।
- त्रिकोणासन रक्त संचार बढ़ाता है, तनाव कम करता है और शरीर में ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
- PCOS और थायरॉयड में भी यह आसन हार्मोन संतुलन में सहायक माना जाता है।
सावधानियां–
यदि लो ब्लड प्रेशर, सर्वाइकल दर्द, घुटनों में चोट या चक्कर आने की समस्या है, तो इस आसन को सावधानी से करें। शरीर को उसकी सीमा से अधिक न मोड़ें और अचानक झुकने से बचें। गर्भवती महिलाएं विशेषज्ञ की सलाह के बिना त्रिकोणासन न करें।
9. वीरभद्रासन–

वीरभद्रासन, खड़े होकर किया जाने वाला एक शक्तिशाली योगासन है। इसमें शरीर को योद्धा की मुद्रा में लाया जाता है, जहां पैरों में मजबूती, कमर में खिंचाव और हाथों में संतुलन का संयोजन होता है। यह आसन सहनशक्ति, शक्ति और मानसिक स्थिरता बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध है।
लाभ–
वीरभद्रासन योग को नियमित रूप से करने से-
- जांघों, कूल्हों और कमर की मांसपेशियों को मजबूत करता है, जिससे फैट तेजी से घटता है।
- यह पेट की चर्बी पर भी असर डालता है और शरीर की पोस्टर को सही करता है।
- ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, स्टैमिना बढ़ता है और तनाव कम होता है।
- मेटाबॉलिज़्म तेज होता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।
- PCOS, थायरॉयड और हार्मोनल असंतुलन में भी यह आसन उपयोगी माना जाता है, क्योंकि यह शरीर की एनर्जी को संतुलित करता है।
सावधानियां–
यदि घुटनों में दर्द, कमर की चोट, हाई ब्लड प्रेशर या सिर का चक्कर आने की समस्या है, तो इस आसन को सावधानी से करें। प्रारम्भ में पैर बहुत अधिक न फैलायें और शरीर पर अनावश्यक दबाव न डालें। गर्भवती महिलाएं केवल विशेषज्ञ की सलाह पर ही यह आसन करें।
10. चक्रासन–

वजन घटाने के लिए योग के अंतर्गत चक्रासन, एक उर्ध्व शरीर-धनुष जैसा बैकबेंड योगासन है। इसमें शरीर को पीछे की ओर मोड़कर, हाथों और पैरों के सहारे ऊपर उठाया जाता है, जिससे शरीर चक्र जैसी आकृति बनाता है। यह आसन लचीलापन बढ़ाने, ताकत विकसित करने और पूरे शरीर को गहराई से स्ट्रेच करने के लिए जाना जाता है।
लाभ–
चक्रासन योग को नियमित रूप से करने से-
- पूरे शरीर की मांसपेशियों, विशेषकर पेट, कमर, जांघ, कंधे और हाथों पर प्रभाव डालता है।
- यह पेट की चर्बी कम करने, पाचन सुधारने और मेटाबॉलिज़्म तेज करने में अत्यंत प्रभावी है।
- फेफड़ों की क्षमता बढ़ जाती है और हार्मोनल संतुलन सुधर जाता है, जिससे PCOS और थायरॉयड में भी लाभ मिलता है।
- यह शरीर की ऊर्जा बढ़ाता है और तनाव कम करने में सहायक है।
सावधानियां–
यदि पीठदर्द, स्लिप डिस्क, कलाई की कमजोरी, हृदय रोग या हाई ब्लड प्रेशर होने पर यह आसन सावधानी से करें। प्रेग्नेंट महिलाएं इसे न करें। प्रारम्भ में विशेषज्ञ की देखरेख आवश्यक है, क्योंकि अत्यधिक बैकबेंड गलत ढंग तरीके से करने पर चोट की संभावना रहती है। शरीर को क्षमता से अधिक स्ट्रेच करने की कोशिश न करें।
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वजन घटाने के लिए योग: विशेष सुझाव-
यदि आप अपना वजन घटाने के लिए योग का अभ्यास करना चाहते है तो निम्न बातों को ध्यान में रखें।
- नियमितता- शुरुआत 20 मिनट से करें, रोजाना करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
- संतुलित आहार- खाली पेट ही योग का अभ्यास करें। अभ्यास के बाद संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
- नींद पूरी करें- कम से कम 6 घंटे की नींद लें।
- जल का सेवन- दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं।
- धैर्य रखें– योग से वजन धीरे-धीरे घटता है लेकिन यह टिकाऊ होता है। जल्द परिणाम की उम्मीद न करें।
वजन घटाने के लिए योग: अभ्यास से पूर्व महत्वपूर्ण सुझाव-
वजन घटाने के लिए योग का अभ्यास करने से पूर्व महत्वपूर्ण सुझाव इस प्रकार है। जैसे-
- शरीर तथा वस्त्र को स्वच्छ रखें। योगासन शुद्ध हवा में करें। यदि घर में करें तो स्थान, हवादार हो।
- आसन करते समय, किसी अन्य की उपस्थिति, आवश्यक तथा उचित नही है। वातावरण शांत रहना चाहिए। मोबाइल देखते हुए योग का अभ्यास न करें।
- भोजन नियत समय, पर प्रसन्न भाव से, करना चाहिए। भोजन सादा तथा पौष्टिक हो, अधिक तेल, मिर्च, मशाला वाले न हों। शाक, सब्जी उबली हुई गुणकारी होती है।
- योगासन के बाद आधे घंटे विश्राम करके दूध या फल ग्रहण करना चाहिए। चाय, कॉफी, नशीली चीज़े हानिकारक है।
- प्रातः काल में शौच के बाद, दाँत की सफाई करके, खाली पेट ही योगाभ्यास करना चाहिए।
- गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति और गर्भवती महिलाएं, डॉक्टर की सलाह लें।
- योगाभ्यास से लचीलापन धीरे-धीरे आता है, अतः कोई भी आसन जबर्दस्ती न करें।
- यदि कोई दर्द या असहजता हो, तो तुरंत योग बंद करें।
वजन घटाने के लिए योग: योग से वजन, कैसे कम होता है? यह सच्चाई, जो कोई नहीं बताता है।
वजन घटाने के लिए योग, सामान्य रूप से केवल कैलोरी बर्न करने वाला वर्कआउट नहीं है, लेकिन हर तरह से यह वजन कम करने में मदद करता है। जैसे-
1. मेटाबॉलिज्म को बढ़ाना-
योग पाचन तंत्र को सुधारकर, मेटाबॉलिज्म को एक्टिव करके, इसे बढ़ा देता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है।
2. मानसिक तनाव व चिंता को कम करना-
नियमित योग से मानसिक तनाव व चिंता कम हो जाती हैं, जिससे इमोशनल ईटिंग रुक जाती है और वजन नियंत्रित रहता है।
3. मांसपेशियों को मजबूत करना-
नियमित योग से मांसपेशियां मजबूत हो जाती है, जिससे वजन नियंत्रित करता है।
4. हॉर्मोन को संतुलित करना-
नियमित योग से थायरॉइड, इंसुलिन और कोर्टिसोल, जैसे हॉर्मोन संतुलित हो जाते हैं, जिससे वजन नियंत्रित रहता है।
5. नींद की गुणवत्ता में सुधार करना-
नियमित योग से, नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है। अच्छी नींद, वजन घटाने के लिए अच्छी नींद का होना अत्यंत आवश्यक है।
6. शारीरिक गतिविधियों में कमी को दूर करना-
नियमित योग से शारीरिक गतिविधियों की कमी दूर हो जाती है और प्रत्येक अंग के व्यायाम का अभ्यास हो जाता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है।
वजन घटाने के लिए योग: योग और वजन घटाने का वैज्ञानिक संबंध-
वजन घटाने के लिए योग, केवल शरीर को लचीला बनाने का सिस्टम हीं नहीं है, बल्कि यह नर्वस सिस्टम, हार्मोन सिस्टम और डाइजेस्टिव सिस्टम तीनों पर काम करता है। पेट की चर्बी सबसे ज़िद्दी होती है। इसे हटाने या वजन कम करने के लिए योग इस प्रकार कार्य करता है।
- योग से मेटाबॉलिज़्म तेज हो जाता है।
- हार्मोन और इंसुलिन संतुलित हो जाता है।
- योग से कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) कम हो जाता है
- योग से भूख नियंत्रण में हो जाता है।
- योग से नेचुरली फैट बर्न शुरू हो जाता है।
- ब्लोटिंग कम करता है।
- फैट सेल्स को ब्रेक करता है।
यही कारण है कि वजन घटाने के लिए योग का प्रभाव धीमा लेकिन स्थायी होता है, जो डाइट और जिम से, पूर्ण रूप से अलग है। इससे 15–20 दिन में पेट हल्का महसूस होने लगता है।
वजन घटाने के लिए योग: निष्कर्ष-
यदि आप अपना वजन घटाने के लिए योग का अभ्यास करना चाहते हैं, तो योग सबसे आसान, सस्ता और अत्यंत प्रभावशाली विकल्प है। योग केवल एक व्यायाम नहीं है, यह एक जीवनशैली है। यह शरीर, मन और आत्मा तीनों को जोड़ता है। एनर्जी को बढ़ाता है, नींद की गुणवत्ता को बढ़ाता है, भूख को कंट्रोल करता है, स्ट्रेस को कम करता है, आत्मविश्वास को बढ़ाता है और चेहरे पर चमक लाता है।यह बाहर से स्लिम अंदर से हेल्दी और मस्तिष्क को शांत रखता है। थोड़े से अनुशासन, धैर्य और नियमितता के साथ आप निश्चित रूप से फिट और स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो सकते हैं।
यदि अपने जीवन में अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है और अपना वजन घटाने के लिए योग का अभ्यास करना है, तो योग को अपनी दिनचर्या में स्थान दें। आज से अपने लिए प्रतिदिन केवल 30 मिनट का समय निकालिए और 30 दिन बाद निश्चित रूप से सकारात्मकता का अनुभव कीजिए। शुरुआत में भले ही थोड़ा कठिन लगे, परंतु निरंतर अभ्यास से आप न केवल स्वस्थ रहेंगे, बल्कि अंदर से मजबूत और खुशहाल भी महसूस करेंगे और आपका जीवन आनंद से परिपूर्ण हो जायेगा।
हम आपके सफल, स्वस्थ और सुखी जीवन की कामना करते हैं।