योग एरियल योग: भूमिका-
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योग, भारत की एक प्राचीनकालीन पद्धति है। इसके द्वारा केवल शरीर ही नहीं बल्कि मन और आत्मा, सभी का विकास होता है। यह शरीर, मन और आत्मा को एक साथ जोड़ने वाली एक वैज्ञानिक विधि है, जो सदियों से, भारतीय परंपरागत जीवनशैली का एक अभिन्न अंग मानी जाती है। परन्तु वर्तमान समय में, योग के नए-नए और अनेक प्रकार के परिवर्तित स्वरूप प्रकट हुए हैं, जिन्होंने आधुनिक जीवनशैली की आवश्यकता के अनुरूप, इसे और भी अधिक प्रभावशाली एवं महत्वपूर्ण बना दिया है। इन्हीं नए स्वरूपों में से एक है, ‘योग एरियल योग’। यह एक अनूठी और आनंददायक योग-पद्धति है, जिसमें जमीन पर नहीं, बल्कि हवा में झूलते हुए योगासन किए जाते हैं।
आज के समय में, योग एरियल योग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, क्योंकि यह शरीर और मन दोनों को संतुलन प्रदान करता है। यह शारीरिक फिटनेस बढ़ाने के साथ-साथ, मानसिक तनाव को भी कम करता है। आज की व्यस्त जीवनशैली में, लंबे समय तक बैठकर कार्य करने वाले कर्मचारी, अध्ययन करने वाले छात्र, फिटनेस को शौक के रूप में अपनाने वाले युवा और योग में कुछ नई पद्धति को सीखने वाले लोग भी इसे अधिक पसंद कर रहे हैं। आजकल सोशल मीडिया और फिटनेस स्टूडियो ने भी योग एरियल योग को एक नई पहचान दिलाई है। सही मार्गदर्शन में किया गया यह अभ्यास शरीर और मन, दोनों के लिए अत्यंत लाभदायक माना जाता है।
योग क्या है?
योग, भारत की एक प्राचीनकालीन सांस्कृतिक विरासत और सर्वश्रेष्ठ जीवन पद्धति है। यह हजारों वर्षों से, हमारे स्वस्थ जीवन के लिए मार्गदर्शन करता चला आ रहा है। सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए, योग-युक्त जीवन-पद्धति का समर्थन और विकास, प्राचीन काल से ही भारतीय ऋषियों और आचार्यों के द्वारा ही किया गया है। योग, केवल सांस लेने की प्रक्रिया अथवा शरीर को लचीला बनाने के लिए शारीरिक क्रियाओं का समूह ही नहीं, बल्कि मानसिक, आत्मिक और भावनात्मक संतुलन की एक महत्वपूर्ण पद्धति है।
अर्थ एवं परिभाषा-
‘योग’ शब्द ‘युज्’ धातु से बना है, जिसका अर्थ है ‘संयोग’, ‘जुड़ना’ या ‘एक होना’। इसका वास्तविक अर्थ है और शरीर, मन व चेतना का आपसी सामंजस्य अर्थात् आत्मा का परमात्मा से संयोग। इसका प्रयोजन आत्मा और परमात्मा के मिलन से है।
महर्षि पतंजलि को व्यापक रूप से ‘योग का जनक’ माना जाता है। उन्हें अपने प्रभावशाली ग्रंथ ‘योग सूत्र’ में, योग के विभिन्न पहलुओं को संकलित करने और व्यवस्थित करने का श्रेय दिया जाता है। महर्षि पतंजलि के अनुसार-
“योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः”, अर्थात् “योग मन की चंचल प्रवृत्तियों को नियंत्रित करने की कला है।“
उपर्युक्त से परिभाषा यह स्पष्ट है, कि योग का संबंध केवल शरीर से ही नहीं, बल्कि मन के अंतःकरण से भी है। योग एक संपूर्ण जीवन दर्शन है। इसमें शारीरिक अभ्यास (आसन), श्वास नियंत्रण (प्राणायाम), ध्यान (मेडिटेशन), नैतिक आचरण (यम-नियम) और आत्म-संयम जैसे कई तत्व सम्मिलित होते हैं। योग का उद्देश्य शरीर को मजबूत बनाने के साथ-साथ, मानसिक अशांति, तनाव, क्रोध, चिंता और नकारात्मक विचारों को दूर करके व्यक्ति को आंतरिक शांति प्रदान करना भी होता है।
योग एरियल योग क्या है?
इतिहास और उत्पत्ति-
योग एरियल योग की उत्पत्ति पश्चिमी देशों में मानी जाती है। इसका विकास लगभग 20वीं सदी के अंत में हुआ, जब योग प्रशिक्षकों ने पारंपरिक योग को अधिक आरामदायक, सुविधाजनक और रचनात्मक बनाने के लिए अनेक प्रकार के नए-नए प्रयोग शुरू किए। यह माना जाता है, कि योग एरियल योग की नींव, न्यूयॉर्क की एक योग शिक्षिका मिशेल डोटी ने रखी। मिशेल डोटी ने योग, पिलाटेस और नृत्य के सभी तत्वों को एक साथ मिलाकर हवा में लटकते कपड़े के साथ अभ्यास की नई शैली विकसित किया। योग एरियल योग पद्धति, विशेष रूप से रीढ़ की हड्डी को आराम देने और बिना दबाव के शरीर को खींचने के लिए अपनाया गया।
अर्थ एवं परिभाषा-
योग एरियल योग का अर्थ, योग के एक आधुनिक योग पद्धति से है। इसमें सभी प्रकार के योगासनों को, हवा में लटके हुए मजबूत और विशेष कपड़े (हैमॉक) की मदद से किया जाता है। यह योग का ऐसा परिवर्तित रूप है, जो शरीर को जमीन से ऊपर उठाकर, हवा में अभ्यास करने की सुविधा प्रदान करता है। योग एरियल योग में पारंपरिक योग के साथ-साथ पिलाटेस, स्ट्रेचिंग, ध्यान और जिम्नास्टिक के कुछ तत्व भी सम्मिलित रहते हैं, जिससे यह अभ्यास अत्यंत रोचक एवं प्रभावशाली बन जाता है।
“योग एरियल योग, योग की एक आधुनिक और विशेष विधा है, जिसमें योग आसनों का अभ्यास जमीन पर नहीं, बल्कि हवा में लटके हुए हैमॉक की सहायता से किया जाता है। इसमें शरीर को आंशिक या पूर्ण रूप से सहारा देकर योग किया जाता है, जिससे आसन करना आसान और सुरक्षित हो जाता है।“अर्थात योग एरियल योग, वह योग है जो शरीर को जमीन से ऊपर उठाकर नए रूप में स्वास्थ्य और शांति की ओर ले जाता है।
परिभाषा के अनुसार, योग एरियल योग, योग का ऐसा अभ्यास है, जो हैमॉक की मदद से रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम करता है, शरीर को गहरा स्ट्रेच देता है और मानसिक शांति प्रदान करने में सहायक होता है। यह अभ्यास शरीर की क्षमता, संतुलन और एकाग्रता को बढ़ाने के साथ-साथ तनाव और थकान को कम करने में मदद करता है।
योग से भिन्न होने के कारण-
जहाँ पारंपरिक योग में, सभी आसन जमीन पर चटाई के ऊपर किए जाते हैं, वहीं योग एरियल योग में, सभी आसन हैमॉक की मदद से किया जाता है। इससे शरीर के सभी जोड़ों और रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम पड़ता है। पारंपरिक योग में कई आसन ऐसे हैं, जो जमीन पर कठिन लगते हैं, लेकिन योग एरियल योग में अपेक्षाकृत आसान हो जाते हैं। यही कारण है, कि लोग इसे पारंपरिक योग से अलग और नया अनुभव मानते हैं।
आधुनिक फिटनेस की दुनिया में, योग एरियल योग ने तेजी से अपनी जगह बनाई। फिटनेस स्टूडियो और जिम में इसे एक आनंददायक, लेकिन प्रभावशाली व्यायाम के रूप में सम्मिलित किया गया। इसमें शरीर का संतुलन, क्षमता, स्थिरता और लचीलापन सभी एक साथ विकसित होता है। इसलिए यह युवाओं के साथ-साथ मध्यम आयु के लोगों में भी लोकप्रिय होती जा रही है।
पिछले कुछ वर्षों से, भारत में भी योग एरियल योग तेजी से फैल रहा है। बड़े शहरों में योग स्टूडियो और वेलनेस सेंटर इसे अपनी वेलनेस की क्लासेस में वेलनेस की क्लासेस सम्मिलित कर रहे हैं। योग की जन्मभूमि होने के कारण भारत में भी, लोग पारंपरिक योग का आधुनिक रूप मानते हुए, योग एरियल योग को अपना रहे हैं। इससे योग एरियल योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।
ब्लॉग का उद्देश्य-
इस ब्लॉग का प्रमुख उद्देश्य पाठकों को योग एरियल योग के बारे में सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय जानकारी प्रदान करना है। क्योंकि आज की व्यस्त जीवनशैली में, अधिकांश लोग ऐसे योग और फिटनेस के विकल्प की तलाश रहे हैं, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाये रखे और इसके साथ-साथ मन को भी शांत रखे। यह ब्लॉग इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
इस ब्लॉग में,
- योग का अर्थ एवं परिभाषा
- योग एरियल योग का इतिहास और उत्पत्ति
- योग एरियल योग का अर्थ एवं परिभाषा
- योग एरियल योग के प्रमुख लाभ
- योग एरियल योग के प्रमुख आसन
- योग एरियल योग की शुरुआत के लिए आवश्यक बातें
- योग एरियल योग के लिए पात्रता और अपात्रता
- योग एरियल योग करते समय सावधानियाँ
इन सभी के बारे में स्पष्ट रूप से वर्णन किया गया है। यह ब्लॉग पाठकों को जागरूक करने का कार्य करता है, जिससे सभी पाठक बिना भ्रम और डर के, योग एरियल योग को अपनाने का सही निर्णय ले सकें। सरल भाषा और व्यावहारिक जानकारी के माध्यम से, पाठकों को एक स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवनशैली की ओर प्रेरित करना ही इस ब्लॉग का मूल उद्देश्य है।
योग और व्यायाम ई-बुक, कैसे प्राप्त करें?
यदि आपको योग और व्यायाम ई-बुक चाहिए तो आप वेबसाइट vijaybooks.store से प्राप्त कर सकते है और घर बैठे ही योग और व्यायाम का अभ्यास कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त एक अन्य वेबसाइट yoga.ayush.gov.in है, जो भारत की एक सरकारी वेबसाइट है।
इस ब्लॉग के समान अन्य ब्लॉग भी उपलब्ध हैं।
योग एरियल योग के प्रमुख लाभ-
योग एरियल योग, न केवल एक रोमांचक योग शैली है, बल्कि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभदायक है। पारंपरिक योग की तरह, एरियल योग शरीर और मन दोनों को संतुलित करता है, लेकिन हवा में लटकने की विशेषता, इसे और भी प्रभावशाली बनाती है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं।
A. शारीरिक लाभ-
योग एरियल योग के लाभ शारीरिक स्तर पर भी देखे जा सकते हैं। यह एक सुरक्षित, प्रभावशाली और आनंददायक योग पद्धति है, जो जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करती है। सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास के साथ एरियल योग, स्वस्थ जीवनशैली का मजबूत आधार बन सकता है। एरियल योग के प्रमुख शारीरिक लाभ इस प्रकार हैं।
1. मांसपेशियों की मजबूती-
इस योग में, शरीर के विभिन्न अंगो को संतुलन बनाए रखने के लिए, इसका नियमित अभ्यास करना पड़ता है। इससे कोर की मांसपेशियां, कंधे, पीठ और पैर की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं। इसके नियमित अभ्यास से, शरीर अधिक टोन और फिट हो जाता है।
2. दर्द और जकड़न से राहत-
हवा में उल्टा लटकने से, रीढ़ की हड्डी पर पड़ने वाला दबाव कम हो जाता है और उसमें खिंचाव आता है। इससे स्लिप डिस्क, कमर दर्द और गर्दन की जकड़न में आराम मिलता है।
3. रीढ़ की हड्डी और कंधे में राहत-
इस योग में, हैमॉक में लटकने से रीढ़ की हड्डी पर से दबाव कम होता है। यह विशेष रूप से, कमर दर्द और कंधे की जकड़न वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभदायक है। रीढ़ की हड्डी का विसंपीड़न होने से दर्द और थकान में राहत मिलती है।
4. संतुलन और लचीलापन में सुधार-
हैमॉक पर लटककर अभ्यास करते हुए, शरीर का संतुलन बनाए रखने से मांसपेशियों के संतुलन, क्षमता और लचीलापन में वृद्धि होती है। इसके लगातार अभ्यास से शारीरिक संतुलन और समन्वय क्षमता भी विकसित होती है।
5. वजन घटाने में सहायक-
इस योग के कुछ विशेष आसनों और स्ट्रेचिंग की मदद से, कैलोरी बर्न होती है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। यह योग सम्पूर्ण शरीर की फिटनेस को बढ़ावा देता है।
B. मानसिक लाभ-
योग एरियल योग के लाभ मानसिक स्तर पर भी देखे जा सकते हैं। यह एक सुरक्षित, प्रभावशाली और आनंददायक योग पद्धति है, जो जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करती है। सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास के साथ एरियल योग, स्वस्थ जीवनशैली का मजबूत आधार बन सकता है। योग एरियल योग के प्रमुख मानसिक लाभ इस प्रकार हैं।
1. मानसिक तनाव व चिंता में कमी-
हवा में हल्केपन का अनुभव, मन को शांत करता है और चिंता को दूर करता है। कोकून मुद्रा में आंखें बंद कर विश्राम करना, ध्यान और मेडिटेशन के समान प्रभाव देता है।
2. आत्मविश्वास में वृद्धि-
इस योग में उल्टा लटकना या फ्लिप करना, कई लोगों के लिए डरावना हो सकता है। लेकिन जब अभ्यास के आधार पर इसका सफलतापूर्वक अभ्यास करते हैं, तो आत्म-विश्वास में अद्भुत वृद्धि होती है।
3. नींद की गुणवत्ता में वृद्धि-
इस योग में गहरे सांस लेने और ध्यान केंद्रित करने की क्रियाएं होती हैं, जो मस्तिष्क में ‘कैल्मिंग हार्मोन्स’ जैसे सेरोटोनिन और मेलाटोनिन को बढ़ावा देती हैं। इससे चिंता कम होती है और नींद की गुणवत्ता में वृद्धि होती है।
4. ध्यान और एकाग्रता में वृद्धि-
हवा में लटकते हुए योगासन, मानसिक संतुलन और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ाते हैं। इससे ध्यान और एकाग्रता में वृद्धि होती है। यह मेडिटेशन के समान प्रभाव देता है।
अतः योग एरियल योग, एक ऐसा योग है जो शारीरिक मजबूती, मानसिक शांति और ऊर्जा, तीनों में एक साथ वृद्धि करता है। नियमित अभ्यास से आप न केवल स्वस्थ और फिट रहते हैं, बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और संतुलन भी पा सकते हैं।
योग एरियल योग के प्रमुख आसन-
जो लोग पहली बार योग एरियल योग शुरू कर रहे हैं, उनके लिए कुछ आसान और सुरक्षित आसनों से शुरुआत करना सबसे अच्छा माना जाता है। ये आसन शरीर को धीरे-धीरे इस नए अभ्यास के लिए तैयार करते हैं और डर को कम करते हैं।
1. एरियल माउंटेन पोज-

एरियल माउंटेन पोज, योग एरियल योग का एक सरल और सुरक्षित आसन है, जिसे शुरुआती लोगों के लिए यह आत्मविश्वास बढ़ाने वाला उपयुक्त आसन माना जाता है। यह शरीर का संतुलन सुधारने, पैरों को मजबूत करने और शरीर को सही मुद्रा में रखने का अभ्यास कराता है। यह आसन पारंपरिक ताड़ासन का एरियल रूप है।
अभ्यास की विधि-
सबसे पहले हैमॉक को कमर या पीठ के निचले अंग के आसपास सही ऊंचाई पर सेट करें। दोनों पैरों को जमीन पर मजबूती से टिकाकर सीधे खड़े हो जाएं। रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और कंधों को ढीला छोड़ दें। हाथों को शरीर के दोनों ओर आराम से रखें या हल्का ऊपर उठाकर संतुलन बनाएं। अब गहरी सांस लें और छोड़ें। इस अवस्था में 20 से 30 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें। अभ्यास के समय दृष्टि सामने रखें और शरीर को रिलैक्स रखें।
एरियल माउंटेन पोज के लाभ-
एरियल माउंटेन पोज के नियमित अभ्यास से-
- शरीर का संतुलन बेहतर होता है और मांसपेशियां भी मजबूत हो जाती है।
- रीढ़ की हड्डी लचीली और सीधी हो जाती है, जिससे शरीर का संतुलन और पोश्चर सुधर जाता है।
- मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ जाता है।
2. एरियल कोबरा पोज-

एरियल कोबरा पोज, योग एरियल योग का एक प्रभावशाली और आरामदायक आसन है, जो पीठ और रीढ़ की हड्डी के लिए विशेष रूप से लाभदायक माना जाता है। यह पारंपरिक योग भुजंगासन का एरियल रूप है, जिसमें हैमॉक शरीर को सहारा देता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए यह आसन बहुत उपयोगी माना जाता है।
अभ्यास की विधि-
इस आसन में, हैमॉक को सबसे पहले जांघों और पेट के निचले अंग के नीचे रखें। अब पेट के बल झुकें और दोनों हाथों को जमीन पर कंधों के पास टिकाएं। धीरे-धीरे सांस लेते हुए छाती को ऊपर की ओर उठाएं। सिर और गर्दन को आराम की स्थिति में रखें और कंधों पर अधिक दबाव न डालें। इसमें हैमॉक शरीर का वजन संभालता है, जिससे पीठ पर खिंचाव नियंत्रित रहता है। इस स्थिति में 15 से 30 सेकंड तक रहें और फिर धीरे-धीरे वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
एरियल कोबरा पोज के लाभ-
एरियल कोबरा पोज का नियमित अभ्यास-
- रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने में मदद करता है।
- पीठ, कंधों और गर्दन की मांसपेशियों को स्ट्रेच देता है, जिससे जकड़न और थकान कम हो जाती है।
- सांस लेने की क्षमता बेहतर करता है और मन को हल्का व शांत करने में सहायक होता है।
- आत्मविश्वास में वृद्धि कर देता है।
3. एरियल चाइल्ड पोज-
एरियल चाइल्ड पोज, योग एरियल योग का एक बेहद सरल और आराम देने वाला आसन है। यह पारंपरिक योग के बालासन का एरियल रूप है, जिसे थकान दूर करने और मन को शांत करने के लिए किया जाता है। शुरुआती लोगों के लिए यह सबसे सुरक्षित और सुकून देने वाले आसनों में से एक माना जाता है। यह आसन ध्यान और श्वास के अभ्यास के लिए भी उपयोगी है और योग एरियल योग के समय शरीर को रीसेट करने का काम करता है।
अभ्यास की विधि-
सबसे पहले हैमॉक को घुटनों और पेट के बीच आरामदायक ऊंचाई पर सेट करें। अब हैमॉक में हल्के से बैठें या आगे की ओर झुकते हुए शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दें। सिर को आगे की ओर झुकाएं और हाथों को नीचे या हैमॉक के किनारों पर आराम से रखें। आंखें बंद कर लें और गहरी सांस लेते हुए शरीर को रिलैक्स करें। इस अवस्था में 30 सेकंड से 1 मिनट तक आराम से रहें।
एरियल चाइल्ड पोज के लाभ-
एरियल चाइल्ड पोज का नियमित अभ्यास-
- मानसिक तनाव, चिंता और थकान को कम करने में मदद करता है।
- पीठ, कंधों और गर्दन की मांसपेशियों को आराम देता है।
- शरीर हल्का हो जाता है, जिससे मन को गहरी शांति मिलती है।
4. एरियल इनवर्जन-

एरियल इनवर्जन, योग एरियल योग का एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली अभ्यास है, जिसमें शरीर को आंशिक या पूर्ण रूप से उल्टा किया जाता है। यह आसन देखने में कठिन लग सकता है, लेकिन हैमॉक की सहायता से इसे सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से किया जाता है। शुरुआती स्तर पर इसे बहुत हल्के और सावधानीपूर्वक किया जाता है। नियमित और सुरक्षित अभ्यास से योग एरियल योग में शरीर का संतुलन, लचीलापन और मानसिक स्थिरता बेहतर होती है।
अभ्यास की विधि-
सबसे पहले हैमॉक को कूल्हों या कमर के आसपास मजबूत और सुरक्षित स्थिति में सेट करें। अब धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकते हुए पैरों को ऊपर उठाएं और शरीर को आधा उल्टा रखें। शुरुआती लोग पूरी तरह उल्टा लटकने के बजाय पैरों को हल्का ऊपर रखकर संतुलन बनाते हैं। हाथों को जमीन या हैमॉक पर सहारे के लिए रखें और गहरी सांस लेते रहें। इस स्थिति में 10 से 20 सेकंड तक रुकें, फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में वापस आएं।
एरियल इनवर्जन के लाभ-
एरियल इनवर्जन के नियमित अभ्यास से-
- रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम हो जाता है। इससे प्राकृतिक रूप से स्ट्रेच करने में मदद मिलती है।
- रक्त संचार को बेहतर बनाता है और शरीर में ताजगी का अनुभव कराता है।
- आत्मविश्वास बढ़ता जाता है।
5. फ्लाइंग वारियर-

फ्लाइंग वारियर, योग एरियल योग का एक लोकप्रिय और शक्तिशाली आसन है। यह पारंपरिक योग के वीरभद्रासन का, हवा में किया जाने वाला रूप है, जिसमें शरीर को हैमॉक की सहायता से संतुलित किया जाता है। यह आसन शारीरिक ताकत, संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए जाना जाता है।
अभ्यास की विधि-
इस आसन में एक पैर जमीन या हैमॉक में सहारा लेकर आगे की ओर झुका होता है, जबकि दूसरा पैर पीछे की ओर हवा में फैलाया जाता है। शरीर का ऊपरी भाग आगे की ओर झुकता है और हाथ फैलाकर संतुलन बनाया जाता है। हैमॉक कमर या जांघों को सहारा देता है, जिससे शरीर हल्का होने का अनुभव करता है।
फ्लाइंग वारियर के लाभ-
फ्लाइंग वारियर का नियमित अभ्यास-
- कोर मसल्स मजबूत करता है।
- पैरों और कंधों को शक्ति देता है।
- आत्मविश्वास बढ़ाता है।
- तनाव कम करता है।
- संतुलन और एकाग्रता में सुधार करता है।
6. बैकबेंड बो-

बैकबेंड बो, योग एरियल योग का एक सुंदर और प्रभावशाली आसन है, जिसमें शरीर को हैमॉक की सहायता से पीछे की ओर झुकाया जाता है। यह आसन, पारंपरिक योग के धनुरासन का एरियल रूप है, जो शरीर को गहराई से स्ट्रेच करने और रीढ़ की लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है। यह आसन मध्य स्तर के लोगों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
अभ्यास की विधि-
इस आसन में हैमॉक को कमर या कूल्हों के पास रखा जाता है। पैरों को जमीन या हैमॉक में सहारा देकर धीरे-धीरे पीठ को पीछे की ओर झुकाया जाता है। हाथ ऊपर या पीछे की ओर फैलाए जाते हैं और छाती खुली रहती है। पूरा शरीर धनुष के आकार में दिखाई देता है।
बैकबेंड बो के लाभ-
बैकबेंड बो का नियमित अभ्यास-
- रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है।
- छाती और कंधों को खोलता है।
- पीठ और कमर की मांसपेशियाँ मजबूत करता है।
- तनाव और थकान कम करता है।
- शरीर की मुद्रा सुधारता है।
योग एरियल योग की शुरुआत के लिए आवश्यक बातें-
योग एरियल योग, एक आधुनिक और अद्भुत योग पद्धति है, जिसमें हैमॉक की सहायता से हवा में योगासन किए जाते हैं। योग एरियल योग की शुरुआत सही ढंग से और पूरी तैयारी के साथ करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे यह सुरक्षित और लाभदायक लाभकारी हो।
1. सही मार्गदर्शन में शुरुआत-
शुरुआती लोगों को, सदैव प्रमाणित योग एरियल योग प्रशिक्षक के साथ अभ्यास शुरू करना चाहिए। प्रशिक्षक हैमॉक का सही उपयोग, संतुलन बनाए रखने की तकनीक और सुरक्षित आसन सिखाता है। प्रशिक्षक के बिना अभ्यास करने से, चोट का खतरा बढ़ सकता है।
2. आसान आसनों से शुरुआत-
शुरुआत में एरियल माउंटेन पोज, एरियल कोबरा पोज, जैसे बिगिनर पोज ही करें। इन आसनों से शरीर धीरे-धीरे हवा में संतुलन बनाना सीखता है और डर कम होता है।
3. आवश्यक उपकरण-
योग एरियल योग के लिए, मजबूत हैमॉक जो 300 किलो तक भार उठा सके, स्टील हुक, बीम, योगा मैट और ग्रिप सॉक्स आवश्यक होते हैं। अभ्यास से पहले सभी उपकरणों की मजबूती और सुरक्षा की जांच अवश्य करें।
4. शरीर और मन की तैयारी-
अभ्यास से पहले हल्का वार्म-अप करें, जिससे मांसपेशियाँ तैयार हो सकें। मन को शांत रखें और डर या घबराहट से बचें। योग एरियल योग में मानसिक संतुलन उतना ही आवश्यक है, जितना शारीरिक।
5. सही पहनावा-
इसके लिए फुल स्लीव्स टॉप और फिटिंग लेगिंग पहनें। ढीले कपड़े या गहने न पहनें, क्योंकि वे हैमॉक में फँस सकते हैं और चोट का कारण बन सकते हैं।
6. समय और धैर्य-
योग एरियल योग में, संतुलन और लचीलापन धीरे-धीरे विकसित होता है। शुरुआत में कठिन आसन करने की कोशिश न करें और शरीर की सीमाओं को समझें।
अतः योग एरियल योग की शुरुआत के लिए सही प्रशिक्षक, सुरक्षित उपकरण और धैर्य अत्यंत आवश्यक हैं। यदि इसे सही ढंग से किया जाए, तो एरियल योग न केवल शरीर को मजबूत बनाता है बल्कि आत्मविश्वास और मानसिक शांति भी प्रदान करता है।
योग एरियल योग के लिए पात्रता और अपात्रता-
योग एरियल योग, एक प्रभावशाली और आधुनिक योग पद्धति है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए यह समान रूप से उपयुक्त नहीं होता है। इसे शुरू करने से पहले यह जानना आवश्यक है, कि कौन लोग एरियल योग कर सकते हैं और किन लोगों को इससे बचना चाहिए। सही जानकारी से अभ्यास सुरक्षित और लाभदायक बनता है।
योग एरियल योग के लिए पात्रता-
इस योग को शुरू करने से पहले, यह जानना अत्यंत आवश्यक है, कि इसके लिए कौन लोग पात्र हैं और इसका अभ्यास कर सकते हैं। क्योंकि सही जानकारी और अभ्यास ही, इसे सुरक्षित और लाभदायक बनाता है।
1. आयु और सामान्य स्वास्थ्य-
12 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक के स्वस्थ व्यक्ति, योग एरियल योग का अभ्यास कर सकते हैं। उम्र के साथ-साथ शरीर की क्षमता और संतुलन भी महत्वपूर्ण होता है।
2. शुरुआती लोग और अनुभवी योग साधक-
योग एरियल योग, केवल अनुभवी योग साधकों के लिए नहीं है। शुरुआती लोग भी, प्रशिक्षक की मदद से इसका अभ्यास कर सकते हैं।
3. फिटनेस और लचीलापन-
सामान्य शारीरिक फिटनेस वाले लोग भी, योग एरियल योग के लिए पात्र होते हैं। इसमें लचीलापन, नियमित अभ्यास से विकसित हो जाता है।
4. वजन सीमा-
हैमॉक की क्षमता के अनुसार, सामान्यतः 100 किलोग्राम से लेकर 120 किलोग्राम तक के व्यक्ति, स्टूडियो के नियमों के अनुसार, योग एरियल योग कर सकते हैं।
5. मानसिक तैयारी-
जो व्यक्ति ऊँचाई से डर को नियंत्रित कर सकते हैं और सीखने की इच्छा रखते हैं, वे योग एरियल योग के लिए उपयुक्त होते हैं।
योग एरियल योग के लिए अपात्रता-
योग एरियल योग की शुरूआत करने से पहले, यह जानना अत्यंत आवश्यक है, कि इसके लिए कौन लोग अपात्र हैं और इसका अभ्यास नहीं कर सकते हैं। क्योंकि सही जानकारी और अभ्यास ही, इसे सुरक्षित और लाभदायक बनाता है।
1. गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ-
निम्न स्थितियों में, एरियल योग नहीं करना चाहिए-
- हृदय रोग होने पर।
- अत्यधिक उच्च या निम्न रक्तचाप होने पर।
- ग्लूकोमा या आंखों की गंभीर समस्या होने पर।
- चक्कर आने या बेहोशी की समस्या होने पर।
2. रीढ़ या जोड़ों की गंभीर चोट-
डिस्क स्लिप, हाल की सर्जरी, गंभीर कमर या गर्दन दर्द होने पर, एरियल योग से बचना चाहिए।
3. गर्भावस्था में-
विशेषज्ञ के मार्गदर्शन के बिना, गर्भवती महिलाओं के लिए एरियल योग पूरी तरह वर्जित है।
4. हाल की सर्जरी या फ्रैक्चर-
ऑपरेशन या किसी हड्डी के टूट जाने और पूरी तरह ठीक न होने की स्थिति में, एरियल योग नहीं करना चाहिए।
5. प्रशिक्षक के बिना ही घर पर अभ्यास-
शुरुआती लोगों के लिए प्रशिक्षक के बिना ही घर पर एरियल योग का अभ्यास करना, असुरक्षित माना जाता है।
महत्वपूर्ण सलाह-
एरियल योग शुरू करने से पहले, डॉक्टर और प्रमाणित योग प्रशिक्षक की सलाह लेना, सबसे सुरक्षित प्रणाली माना जाता है।
अतः एरियल योग सभी के लिए नहीं, लेकिन सही व्यक्ति के लिए अत्यंत लाभदायक है। पात्रता और अपात्रता को समझकर किया गया अभ्यास शरीर, मन और जीवनशैली को बेहतर बनाता है।
योग एरियल योग करते समय सावधानियाँ-
योग एरियल योग, एक सुरक्षित और लाभदायक अभ्यास है, लेकिन इसे सही ढंग से और सावधानी के साथ करना अत्यंत आवश्यक है। गलत तकनीक या उपकरण की लापरवाही से चोट लग सकती है। इसलिए सुरक्षा को सदैव प्राथमिकता दें।
1. शुरुआती अभ्यास के लिए प्रशिक्षक की सलाह-
यदि आप योग एरियल योग की शुरुआत कर रहे हैं, तो में अनुभवी प्रशिक्षक की मदद लेना सबसे सुरक्षित पद्धति है। प्रशिक्षक आपको सही पोज़िशन, पकड़ और संतुलन सिखाएगा, जिससे अभ्यास सुरक्षित और प्रभावशाली बने।
2. गंभीर चोट, ब्लडप्रेशर या अन्य स्वास्थ्य की समस्या में-
यदि किसी प्रकार की चोट, उच्च या निम्न रक्तचाप, हृदय रोग, रीढ़ की समस्या या अन्य किसी प्रकार की गंभीर स्थिति है, तो योग एरियल योग शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक है। उल्टे या चुनौतीपूर्ण आसनों से आपकी स्थिति बिगड़ सकती है।
3. बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए चेतावनी-
बच्चे और किशोर केवल प्रशिक्षक की निगरानी में ही अभ्यास करें। गर्भवती महिलाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन के बिना योग एरियल योग न करें। शुरुआती स्तर के सुरक्षित आसनों और हल्की स्ट्रेचिंग ही, इन लोगों के लिए उचित हैं।
4. अन्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव-
- हैमॉक और सभी उपकरण मजबूत और प्रमाणित हों।
- अभ्यास से पहले और बाद में वार्मअप और स्ट्रेचिंग करें।
- हमेशा साफ और सुरक्षित स्थान चुनें, ताकि फिसलन या चोट से बचा जा सके।
अतः योग एरियल योग शुरू करने से पहले हल्का वार्म-अप करना अत्यंत आवश्यक है। इससे मांसपेशियां तैयार होती हैं और खिंचाव या चोट की संभावना कम हो जाती है। सही ढंग से किया गया अभ्यास ही सुरक्षित और लाभदायक माना जाता है।
निष्कर्ष-
योग एरियल योग, आधुनिक जीवनशैली और प्राचीन योग परंपरा का सुंदर संगम है। यह न केवल एक फिटनेस ट्रेंड है, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने का प्रभावशाली माध्यम भी है। हैमॉक की सहायता से किया गया यह अभ्यास मांसपेशियों को मजबूत करता है, रीढ़ की हड्डी को राहत देता है और शरीर में लचीलापन व संतुलन बढ़ाता है। इस योग का सबसे बड़ा लाभ यह है, कि यह तनाव, चिंता और मानसिक थकान को कम करता है। साथ ही, यह नींद की गुणवत्ता सुधारने, आत्मविश्वास बढ़ाने और दैनिक गतिविधियों को संचालित करने के लिए ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। सही मार्गदर्शन और सुरक्षित अभ्यास से शुरुआती लोग भी इसे आसानी से अपना सकते हैं।
योग एरियल योग केवल एक व्यायाम ही नहीं बल्कि यह हवा में उड़ने जैसा अनुभव देता है और इसमें फिटनेस, लचीलापन और मानसिक शांति तीनों का संयोजन मिलता है। योग एरियल योग, शरीर तथा मन दोनों के लिए सफल जीवन की एक पद्धति है। यद्यपि, यह योग सभी के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं है। पात्रता, स्वास्थ्य स्थिति और सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखकर ही इसका अभ्यास करना चाहिए। प्रशिक्षक की निगरानी, सही उपकरण और धैर्य एरियल योग को सुरक्षित और लाभकारी बनाते हैं। जो लोग पारंपरिक योग से कुछ अलग अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं तो, योग एरियल योग उनके लिए सबसे अच्छा विकल्प है।
यदि आप भी अपने जीवन में स्वस्थ रहना चाहते हैं और मन को शांत करना चाहते हैं, अपनी दिनचर्या में कुछ नया और आनंददायक प्रभाव जोड़ना चाहते हैं, तो एरियल योग एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। तो आज ही किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक से जुड़कर, एरियल योग की शुरुआत करें। यह न केवल आपके शरीर और मन को बल्कि आपके सम्पूर्ण जीवन के लिए भी नई दिशा प्रदान करता है।
सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास से, योग एरियल योग शरीर को मजबूत बनाता है और मन को शांत रखता है। यही कारण है कि आज के समय में योग एरियल योग, एक स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली का अभिन्न अंग बन चुका है।